भारत में चावल के उत्तम ब्रांड

Last Updated on 20th January, 2023  • Shubhra Rani   • 1 Minute Read

भारत उन देशों में से एक है जहाँ हमारे आहार में चावल को एक मुख्य भोजन के रूप में माना जाता है। वास्तव में, यह हमारे रोज़मर्रा के जीवन में इतना ज़रूरी है कि दुनियाभर में हमारा देश कृषि उद्योग में विनिर्माण सेवाओं (मैन्यूफैक्चरिंग सर्विसेज) के लिए दूसरे स्थान पर है। बाजार में चावल कई किस्मों और आकार में पाए जाते हैं, और उनमें से सबसे अधिक मांग जिस एक किस्म की होती है वह है बासमती चावल। बासमती चावल एक ऐसे किस्म का चावल है जो कि हर दिन के खानों और विशेष अवसरों दोनों के लिए उपयुक्त है। ये लंबे, महीन, मुलायम और पोषक तत्वों से भरपूर अनाज होते हैं, जो कि पकने पर खड़े-खड़े रहते हैं और चिपचिपे नहीं होते। बासमती चावल गैर-भारतीय व्यंजन और कई भारतीय व्यंजनों, जैसे बिरयानी या पुलाव, दोनों तरह के व्यंजनों के लिए बहुत बेहतर होते हैं।

हमने बासमती चावल के टॉप रेटेड भारतीय ब्रांडों को नीचे सूचीबद्ध किया है।


1.दावत रोज़ाना

दावत रोज़ाना बासमती चावल भारत में सबसे प्रसिद्ध स्वदेशी चावल का ब्रांड है। इस ब्रांड की स्थापना विजय कुमार अरोड़ा ने की थी, जो चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर भी हैं। इस ब्रांड की प्रीमियम क्वालिटी की वजह से ही भारतीय लोग इस बासमती चावल को पूरे मन से पसंद करते हैं। इस चावल की खेती भारत के पंजाब प्रांत में, गंगा की घाटी की उपजाऊ मिट्टी जो कि हिमालय के बर्फ़ के पानी से पोषित होती है, पर की जाती है इस प्रीमियम क्वॉलिटी के चावल के दाने बहुत ही रिफाइंड, पौष्टिक और स्वाद से भरपूर होते हैं, जो कि इसे भारतीय परिवारों और बड़े-बड़े  शेफ (रसोइयों) के बीच लोकप्रिय पसंद बनाते हैं। हम यह जरूरी बात बताना भी नहीं भूल सकते कि यूनिक हाइड्रेशन एनहांसमेंट तकनीक (एचईटी) का उपयोग करके दावत रोज़ाना बासमती चावल के न्यूट्रिशनल वैल्यू को बढ़ाया जाता है। इस तरह से ज़ीरो कोलेस्ट्रॉल, कम कार्बोहाइड्रेट और फाइबर से भरपूर, यह डायबिटीज के रोगियों के लिए भी अनुकूल है।

2.इंडिया गेट

इंडिया गेट बासमती चावल केआरबीएल लिमिटेड द्वारा उत्पादित लंबे दानो वाले टॉप चावल के ब्रांडों में से एक है, जिसकी स्थापना 1889 में हुई थी और यह बासमती चावल का उत्पादन शुरू करने वाली पहली कंपनी थी। इस ब्रांड के चावल अपने देश में और विदेशों दोनों जगहों पर बहुत अधिक पसंद किया जाता है। यह चावल स्वाद से भरपूर होता है और इसमें एक बहुत ही अच्छा गंध भी होता है, जिसे मुख्य रूप से हैदराबादी बिरयानी, अवधी पुलाव, कश्मीरी पुलाव, ज़ाफ़रानी पुलाव, और साथ ही साथ ज़ायकेदार लंच और शाम के भोजन बनाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। इसकी स्वादिष्ट किस्में, जिनमें विशेष रूप से पौष्टिक स्वाद और सुगंध होती है, का उपयोग विभिन्न प्रकार के भारतीय खानों को साधारण भोजन से असाधारण में बदलने के लिए किया जाता है।

3.रॉयल बासमती चावल

रॉयल ब्रांड प्राचीन हिमालय की तलहटी से ऑथेंटिक बासमती चावल जिसे विशेषज्ञों और स्थानीय किसानों द्वारा वेरिफाई किया जाता है, डिलीवर करता है। अन्य किस्मों के चावलों के चिपचिपे (स्टिकी) टेक्सचर की तुलना में, इस ब्रांड के बासमती चावल के दाने सुगंधित और महीन होते हैं। हमें इस रॉयल बासमती चावल में जो बात सबसे ज्यादा अच्छी लगती है वह है इसके दानो की सुन्दरता क्योंकि इसकी फसल की कटाई तब की जाती है जब इसकी फसल अपनी सुंदरता की चरम सीमा पर होती है और पकते समय इससे निकलने वाली इसकी सुगंध। इतना ही नहीं, इसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम और विटामिन की मात्रा अधिक होती है। यह सलाह भी दी जाती है कि आप अपनी फिटनेस को बनाए रखने के लिए अपने प्रतिदिन के भोजन का 22% इसका सेवन कर सकते हैं, और क्योंकि इसमें वसा (फैट) और ब्लड कोलेस्ट्रॉल लेवल कम होते हैं, इसलिए यह बेहतर हृदय स्वास्थ्यों का समर्थन भी करता है।

4.फॉर्च्यून बासमती चावल

यह बासमती चावल का ब्रांड फॉर्च्यून राइस लिमिटेड के स्वामित्व में है जिसे 1993 में स्थापित किया गया था। वे बिरयानी और पुलाव जैसे सन्तुष्टिप्रद भोजन बनाने के लिए बिल्कुल उपयुक्त हैं क्योंकि इसमें एक मनमोहक खुशबू, नॉन-स्टिकी टेक्सचर और बहुत सारे फाइबर होते हैं। भारत में केवल कुछ ही जगहों पर इस किस्म के चावल की खेती होती हैं, जहाँ से फॉर्च्यून ब्रांड का चावल आता है। और इसमें कोई संदेह नहीं है कि जब इसके फसल की कटाई की बात आती है तब हमारे भारतीय किसान इसमें सबसे महान हैं। फॉर्च्यून बासमती चावल का इस्तेमाल करते हुए, आप इस सप्ताह के अंत में अपने परिवार के लिए एक विशेष भोजन तैयार करें।

5.प्राइड ऑफ इंडिया 

यह ब्रांड हमारे पसंदीदा बासमती चावलों के ब्रांडों की सूची में सबसे ऊपर है और अपने बेहतरीन खुशबू के लिए हमारे द्वारा पुरस्कृत भी है। प्राइड ऑफ इंडिया बासमती चावल केमिकल्स, कीटनाशकों, या बायोइंजीनियरिंग के उपयोग के बिना प्राकृतिक रूप से उत्पादित किया जाता है। इस बासमती चावल का अंतिम उत्पाद (एंड प्रोडक्ट) में एक अविश्वसनीय रूप से असामान्य लेकिन तृप्त करने वाला एक सुगंध और स्वाद होता है जो कि करी और अन्य खानों जैसे बिरयानी या पुलाव को वास्तव में एक भारतीय स्वाद देता है।

6.सीड्स ऑफ चेंज 

यदि आप एक हेल्थ-कॉन्शियस या स्वास्थ्य के प्रति जागरूक व्यक्ति हैं, जिसे अपनी डायट पर नज़र रखने की आवश्यकता रहती है, तब आपके पास एक और शानदार विकल्प है, सीड्स ऑफ चेंज के ऑर्गेनिक ब्राउन बासमती चावल। हम इस प्रीमियम बासमती चावल को कई कारणों से पसंद करते हैं जैसे कि यह यूएसडीए ऑर्गेनिक है और बीपीए फ्री कंटेनर में पैक किया जाता है। ब्राउन राइस खरीदने के लिए सीड्स ऑफ चेंज सबसे अच्छे ब्रांडों में से एक है। ब्राउन राइस समृद्ध घटकों से बने होते हैं जो कि प्राकृतिक होते हैं और कृत्रिम योजकों जैसे प्रीजर्वटिव (परिरक्षकों), रंगों और फ्लेवरों से मुक्त होते हैं, और वे यूएसडीए-सर्टिफाइड ऑर्गेनिक और बिना किसी मिलावट के होते हैं। यह बासमती चावल स्वादिष्ट और पोषक तत्वों से भरपूर एक साइड डिश भी ऐड करता है जो सलाद टॉपिंग और स्टर-फ्राइ के लिए बिल्कुल सही है, इसका श्रेय इसकी अद्भुत सुगंध और स्वाद को जाता हैं। ब्राउन राइस और साथ में आपकी पसंदीदा सब्जियाँ एक स्वादिष्ट कॉम्बिनेशन है जो कि आपको जरूर पसंद आएगी।

7.कोहिनूर

जब बात बासमती चावल और रेडी-टू-कुक करी की आती है तब भारतीयों के लिए कोहिनूर ब्रांड एक ऐसा नाम है जिसे किसी परिचय की जरूरत नहीं है। यह ब्रांड सबसे अच्छे प्रीमियम बासमती चावल का उत्पादन करते हैं, जिसमें आपकी टेबल पर सबसे शानदार फ्लेवर देने के लिए असली, ऑर्गेनिक रूप से उगाए गए अनाज शामिल होते हैं। कोहिनूर बासमती चावल एक टॉप उत्पादन सुविधा द्वारा उत्पादित होने के अलावा, पारंपरिक ऑथेंटिक स्वाद देने के लिए भी प्रसिद्ध है, जो इसे हर दिन इस्तेमाल करने के योग्य बनाता है। इसके अलावा, यह ब्रांड ग्लूटन-फ्री होने के लिए भी जाना जाता है, जिसकी वजह से उन लोगों के लिए इसका सेवन आसान हो जाता है जिन्हें अपने भोजन के लिए कम प्रोटीन सेवन की आवश्यकता होती है। एक से दो सालों में पकने वाले इस चावल के दानों की उच्च गुणवत्ता और विशिष्ट सुगंध को देखते हुए, यह भारत के सबसे बड़े चावल ब्रांडों में से एक है।

8.लाल किला

लाल किला बासमती चावल का एक ऐसा भारतीय ब्रांड है जो कि अद्भुत भारत की विचारधारा को बनाए रखने के लिए पारंपरिक और विदेशी भोजनों का एक शानदार और अविस्मरणीय मिश्रण देने का प्रयास करता है। हिमालय की तलहटी में उगाए जाने वाले इस ब्रांड के बासमती चावल में एक विशेष सुगंध, स्वाद और टेक्सचर होता है। नमी की मात्रा को कम करने और नट्स जैसा स्वाद और सुगंध देने के लिए, यह बासमती चावल कम से कम दो साल के लिए मैच्योर (परिपक्व) होता है। यह अंतरराष्ट्रीय ब्रांड लंबे, बड़े अनाज का उत्पादन करता है जो कि पकने पर मखमली चावल में बदल जाता है। लाल किला बासमती चावल का इस्तेमाल भारतीय, मुगलई, चीनी, थाई, इटालियन, मैक्सिकन और अन्य सहित कई प्रकार के क्विज़ीन से तरह तरह के व्यंजन तैयार करने के लिए किया जा सकता है।

9.टिल्डा

टिल्डा मूल रूप से 1970 में यूके में स्थापित किया गया था और 1980 से भारत में एक जाना माना प्रसिद्ध उपभोक्ता ब्रांड है। उपभोक्ताओं को बासमती चावल से रूबरू कराने के साथ, टिल्डा का उद्देश्य भारतीय भोजन के समृद्ध स्वाद को आपकी टेबल तक पहुँचना भी है। आज, टिल्डा ब्रांड 76 से अधिक देशों में अपने उत्पादन की सेवा दे रहा है और विश्व स्तर पर एक प्रसिद्ध ब्रांड है। इसकी प्रीमियम गुणवत्ता और टेक्सचर के साथइस बासमती चावल के किस्म का उत्पादन जैविक रूप से भी किया जाता है। ब्रांड का यह भी दावा है कि इनके बासमती चावल हिमालय की तलहटी में स्थित नॉन-जीएमओ भारतीय खेतों से प्राप्त किए जाते हैं, इसलिए, यह स्वाभाविक रूप से ग्लूटन-फ्री और कृत्रिम रंगों या स्वादों से रहित है। यह कोषेर भी है, जो कि इसे कोषेर डायट का पालन करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए एक आदर्श विकल्प बनाता है।

10.एरोप्लेन

1972 में स्थापित, एरोप्लेन बासमती चावल ब्रांड अपनी गुणवत्ता को पूरी तरह से बनाए रखते हुए एक लंबे समय तक कायम रहने वाले ब्रांड के रूप में अपने विस्तार पर केंद्रित है। यह भारत में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में बिकने वाले बासमती चावलों के टॉप ब्रांडों में से एक है। यह चावल बेहद पौष्टिक होते हैं और इसमें बेहद मनमोहक सुगंध भी होते हैं। यह चावल सफेद रंग के होते हैं जिनके लंबे दानों का आकार विशेष रूप से कोनिकल छोर से बढ़ा हुआ होता है। इस ब्रांड के चावल की न्यूनतम शेल्फ लाइफ दो साल की है। एरोप्लेन ब्रांड के बासमती चावल दुनिया भर के लगभग 75 देशों में सुगंधित, लंबे दाने वाले और आसानी से पकने वाले बासमती चावल को ले जाने के लिए विख्यात है।

बासमती चावल के फायदे-

लोकप्रिय खुशबूदार बासमती चावल भारतीय व्यंजनों का मुख्य भोजन है। इसका एक लंबा, पतला आकार और हल्का, पौष्टिक स्वाद होता है। यह बिरयानी, पिलाफ और तंदूरी जैसे विशेष व्यंजनों को तैयार करने के लिए बिल्कुल उपयुक्त है और इसे अक्सर खाना पकाने में इस्तेमाल किया जाता है। इस प्रकार के चावल आमतौर पर हिमालय की तलहटी में उगाए और काटे जाते हैं, और इसका इस्तेमाल स्वादिष्ट और मीठा भोजन बनाने में किया जाता है। यह सफेद चावल का एक शानदार विकल्प है।

- स्वादिष्ट सुगंध और स्वाद के अलावा, बासमती चावल के सेवन से कुछ स्वास्थ्य लाभ भी होते हैं।

- हृदय को स्वस्थ बनाए रखने के लिए रोजमर्रा वाले सफेद चावल के स्थान पर यह आपके लिए बहुत फायदेमंद है।

- इस बासमती चावल के सेवन से आपको वजन कम करने या मेंटेन रखने में मदद मिल सकता है।

- ब्राउन बासमती चावल के अक्सर सेवन करने पर ब्लड प्रेशर मैनेजमेंट में सहायता कर सकता है।

- बासमती चावल में रोजमर्रा वाले चावल की तुलना में 20% अधिक फाइबर होता है, जो कि कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकने में मदद कर सकता है।

बासमती चावल की किस्में

1966 के सीड्स एक्ट के अनुसार, बासमती चावल के कुल 29 किस्में होती हैं, जो कि पूरे देश में आसानी से मिल जाते हैं। यदि आप चावल पसंद करते हैं और चावल से बनने वाले विभिन्न व्यंजनों के साथ एक्सपेरिमेंट करना पसंद करते हैं, तब यहाँ कुछ सबसे लोकप्रिय किस्में दिए गए हैं जिनके बारे में आपको जानना चाहिए।

पूसा बासमती 1121

यदि आप रोज़ाना पकाने के लिए किसी आदर्श अनाज की तलाश में हैं, तब पूसा बासमती 1121, चावल का वह किस्म है जो आपके चुनाव के लिए बिल्कुल उपयुक्त है। पूसा बासमती चावल के दाने लंबे, पतले होते हैं जो कि स्वाद को पूरी तरह से समा लेने में उत्कृष्ट होते हैं और इसकी खेती हिमालय की तलहटी में की जाती है। इस महीन और नाजुक अनाज, जिसका आमतौर पर पुलाव और बिरयानी बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, में एक स्मूथ, स्वादिष्ट टेस्ट होता है। इस बासमती चावल के लंबे नुकीले सिरे वाले किस्म को, मुच्छल बासमती के नाम से भी जाना जाता है, इनके दानों की बनावट के कारण यह नाम दिया गया है। इस किस्म के बासमती चावल सबसे लोकप्रिय चावलों में से एक है।

माही सुगंध बासमती चावल

माही सुगंध बासमती चावल कई पुरानी किस्मों की सूची में से एक सबसे नई किस्म है। इस किस्म के चावल को केवल 1966 के सीड्स एक्ट के तहत बासमती किस्म के रूप में मान्यता दी गई थी। इसे अर्ध-बौने बासमती चावल के रूप में जाना जाता है, जो कि केवल 87-98 मिलीमीटर लंबे होते हैं। इसकी खेती राजस्थान (राजस्थान के किलों) में की जाती है और अनाज का साइज अन्य किस्मों की तुलना में अपेक्षाकृत छोटे होते हैं।

रणबीर बासमती चावल

अपने मनमोहक स्वाद और उचित मूल्य के कारण यह बासमती चावल स्थानीय लोगों के बीच काफी प्रसिद्ध है। लंबे-लंबे दानों वाले बासमती चावल जिसे "रणबीर" कहा जाता है, उसका स्रोत हिमालय की तलहटी है। इनके दाने लंबे और पतले होते हैं जिसकी वजह से इसे पकाना और तैयार करना बहुत सरल और सहज हो जाता है। इस लंबे अनाज की असामान्य लंबाई और अच्छी सुगन्ध और स्वाद के कारण, हम में से कई भारतीय स्थानीय लोग इस किस्म को बहुत पसंद करते हैं। इस किस्म के अनाज विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर, देहरादून और उत्तरी भारत में खाया जाता है।

तरावड़ी बासमती चावल

तरावड़ी बासमती चावल को कभी-कभी करनाल लोकल भी कहा जाता है और कई भारतीयों द्वारा बहुत पसंद किया जाता है। यह 1933 से ही बासमती चावलों की सबसे पुरानी किस्मों में से एक माना जाता है। इसके लंबे दाने वाले चावल बहुत सुगंधित होते हैं और शादियों और समारोहों में परोसने के लिए एक आम पसंद है। इसे आम तौर पर पुलाव (पिलाफ), एक प्रकार का चावल का पकवान जिसे ब्रौथ या स्टॉक और कई मसालों के साथ पकाया जाता है उसे बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह बासमती चावल विशेष रूप से हरियाणा क्षेत्र में रहने वाले लोगों द्वारा ज्यादा पसंद किया जाता है। तरावड़ी क्षेत्र में मनाए जाने वाले एक उत्सव को इस चावल और साथ के व्यंजनों के बिना उत्सव को पूरा नहीं माना जाता है।

 

इसे बासमती क्यों कहा जाता है?

बासमती चावल, जिसे इसकी विशेष प्रकार की सुगंध के कारण "पॉपकॉर्न राइस" भी कहा जाता है, आमतौर पर इसे इसकी स्वाद, सुगंध और महीन दानों के लिए चुना जाता है। संस्कृत में, "बासमती" शब्द का अर्थ होता है "खुशबूदार" या "सुगंधित"। ऑरिजनल बासमती चावल केवल पाकिस्तान और भारत में ही उगाए जाते हैं, परंतु आजकल कई हाइब्रिड प्रकार के बासमती चावल भी उपलब्ध हैं, जैसे कि टेक्समती, जिसे टेक्सास में उत्पन्न और बनाया गया था।

बासमती चावल खास क्यों है?

इसका सबसे प्रमुख कारण यह है कि आम सफेद चावल की तुलना में बासमती चावल में वसा (फैट) कम और ग्लूटन-फ्री होता है। इसमें फोलिक एसिड, सभी आवश्यक आठ अमीनो एसिड भी मौजूद होते हैं, और यह कोलेस्ट्रॉल और सॉल्ट के बिना होते हैं। क्योंकि बासमती चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स निम्न से मध्यम होता है, इसलिए एनर्जी धीरे-धीरे और नियमित रूप से वितरित होते हैं, जिसके परिणामस्वरूप एनर्जी का लेवल अधिक रहता है।

बासमती चावल को राइस कुकर में कैसे पकाएँ?

बासमती चावल को अच्छी तरह से पकाने का उपाय यह है कि चावल को पहले 20 से 30 मिनट के लिए पानी में भिगो कर रखें, उसके बाद उसे अच्छी तरह से धो लें, चाहे आप किसी भी उपकरण का इस्तेमाल करें। इस प्रारंभिक तैयारी के समय के दौरान, बहुत सारा स्टार्च लुप्त हो जाता है, जिसका मतलब है कि अब आपको चावल के चिपचिपे हो जाने के बारे में चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। अपने बासमती चावल को राइस कुकर में पकाने से पहले चावल के बैग या बॉक्स की जांच अवश्य करें और यह जरूर देख लें कि क्या उसे पकाने के लिए कोई विशेष दिशा निर्देश उसपर दिया गया हैं। अगर नहीं, तब आप अपने राइस कुकर में हर डेढ़ कप पानी के लिए एक कप चावल डालें। आप अपने चावल में अधिक स्वाद और ऑथेंटिसिटी के लिए इसमें एक दालचीनी का टुकड़ा और/या कुछ इलायची के दाने भी डाल सकते हैं। अपने चावल को परोसने से पहले, दोनों मसालों को बाहर निकाल लें क्योंकि वे केवल स्वाद और सुगंध के लिए डाले जाते हैं। अपनी मशीन पर रेगुलर या स्टैंडर्ड चावल पकाने की सेटिंग चुनें, फिर चावल को 15 मिनट तक पकाएँ। परोसने से पहले चावल को अच्छी तरह से ऊपर नीचे करके मिला लेना चाहिए।

बासमती चावल को स्टोव टॉप (चूल्हे) पर कैसे बनाएँ?

बासमती चावल और कच्चे अनाज के बीच का अंतर यह है कि यह कच्चे अनाज से तीन गुना अधिक बढ़ता है। इसलिए, आपको चावल का वजन कर लेना चाहिए और प्रत्येक परिवार के डाइट के अनुसार उचित मात्रा का उपयोग करना चाहिए। चावल पकाने से पहले सबसे पहले उसे धोना जरूरी है। हालांकि, यह याद रखें कि चावल के पोषक तत्वों को खोने से बचाने के लिए उसे बहुत ज्यादा न धोएं। चावल को समान रूप से खिलने और बेहतर स्वाद के लिए आपको इसे सीधे नहीं पकाना चाहिए, बल्कि पकाने से पहले आपको इसे 20 से 30 मिनट के लिए पानी में भिगोना चाहिए। चावल को दोगुना उबलते पानी (1 भाग चावल में 2 भाग पानी) में डालना चाहिए। चावल में एक अतिरिक्त ऑथेंटिक भारतीय स्वाद देने के लिए उसमें थोड़ा सा नमक और थोड़ा तेल मिला दें । ढक्कन लगा दें और चूल्हे को चालू कर दें। जब चावल उबलने लगे, तब आँच को सबसे कम सेटिंग पर कम कर दें और इसे बीच-बीच में हिलाते हुए 15 से 20 मिनट तक पकने दें। अब अपनी इच्छानुसार, पके हुए चावल को कटोरे की मदद से प्लेट में डाल कर सर्व करें।

Shubhra Rani

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Shubhra Rani


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