भारत के सर्वश्रेष्ठ सैफरॉन ब्रांड (केसर)

Last Updated on 3rd November, 2022  • Abhinav Vasudevan   • 1 Minute Read

दुनिया का सबसे महँगा मसाला सैफरॉन (केसर), क्रोकस सैटिवस लिने फूल से प्राप्त होता है, जिसे यूरोप और मिडिल इस्ट के विभिन्न क्षेत्रों में प्रमुख रूप से उगाया जाता है। सैफरॉन हमेशा स्पेन और ईरान, और अपने कश्मीरी सैफरॉन के लिए भारत जैसे देशों से जुड़ा हुआ है। भारत भी अब सैफरॉन की खेती में भारत का एक प्रत्यक्ष कृषक बनता जा रहा है। सैफरॉन को आमतौर पर भारत में केसर के नाम से जाना जाता है। सैफरॉन फूल का गहरा लाल रंग का स्टिग्मा (फूल का ऊपरी फीमेल पार्ट) होता है। फूल से स्टिग्मा को हाथों के द्वारा बहुत सावधानी से हल्के से खींच कर अलग कर लिया जाता है और फिर मसाले बनाने के उद्देश्य के लिए उन्हें सुखाया जाता है। लोगों के जीवन में केसर के कई उपयोग हैं। इसका उपयोग स्वास्थ्य संबन्धित परिस्थितियों जैसे अल्जाइमर, मासिक धर्म में ऐंठन, एंग्जायटी (चिंता) और डिप्रेशन के लिए भी किया जाता है। सैफरॉन आमतौर पर भोजन में मसाले के रूप में, एक फ्लेवरिंग (स्वादिष्ट बनाने वाले) सामग्री के रूप में और पीले खाद्य रंग के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा, केसर के सुगंधित गुणों के कारण इसका इस्तेमाल इत्र (पर्फ्यूम) बनाने और साथ-साथ कपड़ों को रंगने के लिए एक माध्यम के रूप में भी किया जाता है। केसर के कई तरह के स्वास्थ्य लाभ हैं और इसका किसी भी प्रकार का कोई साइड इफेक्ट्स नहीं होता है, इस कारण से किसी भी आयु वर्ग द्वारा इसका सेवन किया जा सकता है।

सैफरॉन (केसर) महँगा क्यों होता है ?

केसर बेहद महँगा होता है, क्योंकि एक पौंड केसर के लिए इसकी कीमत 500 से 5,000 यू.एस. डॉलर के बीच होती है। केसर के महंगे होने के कारणों में से एक यह है कि बिना मशीनों की मदद से केवल हाथों के द्वारा ही प्रत्येक फूल से स्टिग्मा की कटाई करना बहुत ही ज्यादा मेहनत वाला काम है। फूलों से धागे जैसा स्टिग्मा निकाला जाता है, एक पौंड केसर के लिए 75,000 केसर के फूलों की आवश्यकता होती है। मेहनत वाले काम के अलावा, क्रोकस फूल से खाने लायक केसर को तैयार करने की प्रक्रिया भी बहुत ही जटिल है। साथ ही साथ यह फूल बहुत कम समय के लिए खिलता है, जिसके कारण भी यह महँगा हो जाता है।

केसर की उत्पत्ति

ऐसा माना जाता है कि केसर की उत्पत्ति ग्रीस में हुई थी, जहाँ इसके औषधीय गुणों की पहचान के साथ पहली बार इसकी खेती की गई थी। शुरू-शुरू में ग्रीस में लोग मूड को बेहतर करने और याददाश्त बढ़ाने के लिए केसर का सेवन करते थे। केसर मुख्य रूप से ईरान, भारत और मोरक्को में भी उगाया जाता था।

केसर के उपयोग

प्राचीन काल से ही, केसर का इस्तेमाल विभिन्न औषधीय उद्देश्यों की पूर्ती के लिए किया जाता था। केसर का इस्तेमाल चिकित्सा सम्बन्धी परेशानियों जैसे सांस लेने, जेनिटोयुरनेरी, आँख, पाचन और त्वचा की समस्याओं के लिए किया जाता है। स्वास्थ्य सम्बन्धी मामलों में इसके बढ़ते उपयोगों के कारण, हमारा देश भी असाधारण बीमारियों (शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों) में इसके फायदों का लाभ उठाने के लिए केसर पर व्यापक रूप से शोध कर रहा है। दुनिया भर में केसर के कई पारंपरिक प्रयोग या उपयोग हैं:

- स्कैंडिनेवियाई केसर का उपयोग ब्रेड बेक करने के इरादे से करते हैं, जिसे विशेष रूप से 'लुसेकेटर' के रूप में जाना जाता है।

- मिडिल इस्ट में लोग सुबह की कॉफी में स्वाद बढ़ाने के लिए केसर का उपयोग एक अन्य मसाले, इलायची के साथ करते हैं।

 - पेंसिल्वेनिया में लोग अपने विश्व प्रसिद्ध पॉट पाई में रंग और स्वाद जोड़ने के लिए केसर का उपयोग करते हैं।

 - प्राचीन काल से ही, भारतीय 'शाही रान' और 'बिरयानी' जैसे मुगलई व्यंजनों को बनाने में सैफरॉन या केसर का उपयोग करते रहे हैं।

केसर: सबसे श्रेष्ठ फायदों की सूची

  • केसर में मनोदशा को सुधारने और डिप्रेशन के उपचार के लिए औषधीय गुण होते हैं, यही कारण है कि इसे 'सनशाइन मसाला' भी कहा जाता है। 
  1. केसर का सेवन एक स्ट्रांग एंटीऑक्सिडेंट के रूप में भी किया जा सकता है, जो कि ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और फ्री रैडिकल्स (कणों) से बचाने में मदद करता है।
  2. केसर मासिक धर्म में होने वाले ऐंठन (मेंस्ट्रुअल क्रैम्प) का भी इलाज कर सकता है और यहाँ तक ​​कि प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम के लक्षणों को भी कम कर सकता है।
  3. केसर का उपयोग आमतौर पर हमारी इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत कर सर्दी, खाँसी और बुखार से बचाव या एहतियात के लिए भी किया जाता है।
  4. केसर का उपयोग नसों को शांत करने के लिए किया जाता है और इस तरह से नींद न आने वाली बीमारियों (इनसॉम्निया) को, जिसे दूसरी तरह से सिलिपिंग डिस्ऑर्डर की समस्या भी कहा जाता है, दूर करने में मदद करता है
  5. केसर का उपयोग याददाश्त को बनाए रखने के लिए भी किया जा सकता है, जो कि वैसे लोगों के लिए जिनकी याददाश्त चली गई है और वृद्ध लोगों के लिए यह एक उपयुक्त सामग्री हो सकता है।
  6. केसर वजन कम करने में भी मदद कर सकता है क्योंकि केसर की सप्लीमेंट लेने से बार-बार स्नैकिंग की जो भूख होती है वह कम हो जाती है।
  7. केसर के इस्तेमाल से अन्य दूसरे स्वास्थ्य लाभ जैसे दृष्टि में सुधार हो सकते हैं और हृदय रोगों के जोखिम को कम करने में भी मदद करते हैं।

केसर की खेती कैसे की जाती है?

केसर की खेती जलवायु, मिट्टी, पानी और ऋतु या मौसम को ध्यान में रखकर की जाती है।

जलवायु: केसर गर्म सबट्रौपिकल (उपोष्णकटिबंधीय) जलवायु वाले परिस्थितियों में अच्छी तरह से बढ़ता है। क्रोकस के पौधों को कम से कम 12 घंटे तक सूरज की रोशनी की आवश्यकता होती है जिसमें वह अच्छी तरह से फलता-फूलता है।

मिट्टी: केसर उगाने के लिए मिट्टी रेतीली, लूमी, अम्लीय (एसिडिक) से न्यूट्रल और बजरी वाली होनी चाहिए। सबसे अच्छी मात्रा में क्रोकस पौधों को उगाने के लिए मिट्टी का पीएच स्तर 6 से 8 के बीच होता है। मिट्टी कभी भी चिकनी और भारी नहीं होनी चाहिए।

पानी: क्रोकस या केसर के पौधे को गीली मिट्टी की आवश्यकता नहीं होती है, इस पौधे के फूल कम पानी में सबसे अच्छे से खिलते हैं।

ऋतुः फूलों से केसर के स्टिग्मा की कटाई का महीना जून से सितंबर तक होता है। फूल अक्टूबर में खिलने लगते हैं और अपने पूरे बढ़ने की प्रक्रिया के दौरान उन्हें गर्मी की जरूरत होती हैं।

केसर की पैदावार कैसे करें?

क्रोकस के पौधे के फूलों से केसर निकालना एक बहुत ही कड़ी मेहनत वाला काम होता है, क्योंकि यहाँ हाथों के द्वारा बिना किसी मशीन के उपयोग से प्रत्येक फूल से स्टिग्मा को बहुत ही नाजुक तरीक़े से खींच कर निकालने की आवश्यकता होती है। समय लेने वाली कटाई और सुखाने की प्रक्रिया के साथ इसकी पूरी प्रक्रिया में बहुत ही नाजुक तरीके से देखभाल करने की आवश्यकता होती है। इसके अलावा, केसर के स्टिग्मा को चुनने की नाजुक कला को सुबह 10 बजे के भीतर ही यानि सुबह सूर्योदय और 10 बजे के बीच ही पूरा करने की आवश्यकता होती है।

भारत के सर्वोत्तम गुणवत्ता वाले केसर ब्रांड

भारत में केसर के स्वास्थ्य सम्बन्धी फायदों को प्रत्यक्ष रूप से देखते हुए, इसका उत्पादन तेजी से बढ़ा है। आइए हम भारत में केसर बेचने वाले टॉप ब्रांडों पर चर्चा करते हैं।

बेबी ब्रांड केसर

बेबी ब्रांड केसर हमारे देश में गर्भावस्था के दौरान खाए जाने वाले केसर के टॉप ब्रांडों में से एक है। इस प्रीमियम गुणवत्ता वाले ब्रांड को विशेषतौर से पसंद किया जाता है और इसे किसी भी उपयोग के लिए सुरक्षित माना जाता है, विशेष रूप से खाना पकाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। यह प्रतिष्ठित कंपनी लगभग 175 वर्षों से है, लेकिन अभी तक अपनी चरम लोकप्रियता तक नहीं पहुंची है। इनके प्रोडक्ट में दो तरह के केसर मिले होते हैं, एक जो अधिक मात्रा में मिले होते हैं वो केसर गहरे लाल रंग के स्ट्रैंड होते हैं, जो कि ज्यादातर पसंद की जाती हैं, और दूसरे पीले स्ट्रैंड, जो गिने चुने मात्रा में मौजूद होते हैं। बेबी ब्रांड केसर की एमआरपी 240 रुपये प्रति ग्राम है। कंपनी आईएसओ मानकों का भी अनुपालन करती है, जो कि इसके प्रमाणीकरण और किसी केमिकल पदार्थों के जिससे की फूड पवॉइजनिंग और बदहजमी या इंडाइजेशन हो सकता है, इसमें नहीं मिले होने को दर्शाता है।  इस ब्रांड के केसर का रंग, स्वाद और सुगंध को सुनिश्चित करने के लिए केवल तीन से चार स्ट्रैंड ही पर्याप्त हैं।

हाउस ऑफ सैफरॉन - कश्मीरी केसर

हाउस ऑफ सैफरॉन भारत में सबसे प्रसिद्ध ब्रांडों में से एक है। यह केसर ब्रांड अपने गहरे लाल रंग और शुद्धता के लिए लोकप्रिय है, जो कि इसे भारत में सबसे अच्छा ऑर्गेनिक केसर ब्रांड (कश्मीरी केसर) बनाता है। इसकी लोकप्रियता का कारण इसके लंबे समय तक चलने वाली क्वालिटी और इसकी शानदार पैकेजिंग हो सकती है। यह केसर ब्रांड अपने असाधारण स्वाद और सुगंध के साथ किसी भी एक रेसिपी के स्वाद को तुरंत बढ़ा सकता है। हाउस ऑफ सैफरॉन की एमआरपी 650 रुपये प्रति ग्राम है। इस ब्रांड में किसी भी प्रकार के प्रीज़र्वेटिव, रंग और रासायनिक स्वाद बढ़ाने वाले एजेंट शामिल नहीं हैं, जो कि मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इसके कंटेनर को अच्छी तरह से लंबे समय तक इस्तेमाल करने के लिए घर के किसी ठंडे और सूखे स्थान पर इसको स्टोर करने की आवश्यकता होती है। केसर का सही ढंग से सेवन करने और खाना पकाने के लिए पहले केसर के कुछ स्ट्रैंड को पानी में या विशेषतः दूध में घोल करके इसके स्वाद या फ्लेवर को निकाल लेना चाहिए, उसके बाद इस घोल का इस्तेमाल करना चाहिए।

लायन सैफरॉन: 100% शुद्ध कश्मीरी केसर

भारत के सर्वश्रेष्ठ कश्मीरी केसरों में से एक, जो अपनी अलग सुगंध और असाधारण स्वाद के लिए जाना जाता है। इस ब्रांड के केसर का सेवन सभी आयु वर्गों के लिए सुरक्षित है। इसके ऑर्गेनिक नेचर के कारण, यह विभिन्न बीमारियों से लड़ सकता है या बीमारी के खतरे को रोक भी सकता है। इसके औषधीय गुणों के कारण, इस ब्रांड के केसर को मांसाहारी और शाकाहारी दोनों व्यंजनों में एक महत्वपूर्ण सामग्री के रूप में आसानी से शामिल किया जाता है। लायव केसर की एमआरपी 399 प्रति ग्राम है। लायन केसर के पास लंबे समय तक टिकने वाला शेल्फ लाइफ होता है, जो कि इसकी क्वालिटी और इसकी स्मार्ट पैकेजिंग से प्रभावित होता है। इसी कारण इसकी पैकेजिंग में प्रीमियम क्वालिटी वाले प्लास्टिक ब्लिस्टर का उपयोग होता है।

ताज-महल सैफरॉन

ताज-महल ब्रांड का नाम सीधे प्रोडक्ट की गुणवत्ता या क्वालिटी को चित्रित करता है। ताज-महल केसर एक स्पेनिश केसर का प्रकार है, जो कि एक असाधारण सुगंध और स्वाद प्रदान करता है। स्वाद और सुगंध के अलावा, यह ब्रांड एक विशिष्ट प्रकार का बनावट भी प्रदान करता है, जिसे अन्य दूसरे ब्रांडों के बीच आसानी से पहचाना जा सकता है। इस ब्रांड के केसर का सेवन करना पूरी तरह से सुरक्षित है और यहाँ तक ​​कि बच्चों और गर्भवती महिलाओं दोनों के लिए इसे रिकमेंड किया जा सकता है। इसकी लोकप्रियता का एक मुख्य कारण इसकी बेहतरीन गुणवत्ता भी हो सकती है। ताजमहल केसर की एमआरपी 645 रुपये प्रति ग्राम है।

द गैदरिंग स्पैनिश सैफरॉन

द गैदरिंग स्पैनिश केसर पूरी दुनियाभर में केसर की पेशकश करने वाले सबसे अच्छे ब्रांडों में से एक है। इसके केसर की क्वालिटी काफी अतुलनीय है और इसके मोटे और लंबे स्ट्रैंड के कारण इसे विभिन्न ब्रांडों के बीच आसानी से पहचाना जा सकता है। यह केसर का एक स्पेनिश प्रकार है, जैसा कि यह इसके नाम से ही पता चल जाता है और यह केसर सीधे यूरोपीय खेतों से निकाला जाता है। इस ब्रांड के केसर में केवल केसर के प्राकृतिक या नेचुरल रूप ही शामिल होते हैं इसमें कोई केमिकल या रंग मिश्रित नहीं होता है, जो कि इसको खाने या सेवन के लिए इसे सुरक्षित बनाता है। ब्रांड 100 प्रतिशत ऑर्गेनिक केसर ही ऑफर करता है, जो कि सभी आयु के लोगों के लिए हेल्दी है, यहाँ तक ​​कि बच्चे की उम्मीद करने वाली महिलाएँ भी बिना किसी साइड इफेक्ट के डर के इस ब्रांड के केसर का सेवन आराम से कर सकती हैं। यह अपने शानदार सुगंध के साथ एक ऑथेंटिक स्वाद भी देता है, जिसे पूरे घर में अनुभव किया जा सकता है। अपने खाना पकाने की तैयारी करते समय लगभग 45 मिनट के लिए दूध या पानी में इसके कुछ स्ट्रैंड भिगोकर रखने पर इसके सबसे बढ़िया परिणाम मिलते हैं। 

नूर ब्रांड सैफरॉन

नूर केसर हमारे देश में कश्मीरी केसरों के सबसे पुराने उत्पादकों में से एक है। अपने उच्च गुणवत्ता और फ्लेवर को निरंतर बनाए रखते हुए यह ब्रांड 1999 से काम कर रहा है। नूर केसर अपने प्रतिस्पर्धियों के बीच सबसे अधिक खोजे जाने वाले ब्रांडों में से एक है। अपनी असाधारण गुणवत्ता और बहुत ही किफायती कीमत के कारण, नूर केसर ब्रांड हमेशा मांग में रहता है। अपनी बिरयानी, करी, या मांसाहारी व्यंजनों में कुछ स्ट्रैंड (पानी या दूध में घोल कर) डालें और बेहतरीन स्वाद और सुगंध का आनंद लें। आप नूर केसर को अमेज़न पर 200 रुपये प्रति ग्राम की किफायती कीमत पर पा सकते हैं। केसर का एक सही फ्लेवर उसके सबसे अच्छे गुणवत्ता वाले केसर के पौधों से प्राप्त होता है, जिसे असली में इसके टेक्सचर और अरोमा (सुगंध) में देखा जा सकता है।

सात्विक: प्योर (शुद्ध) सैफरॉन

शुद्ध गुणवत्ता वाले केसर की लंबी और मोटी स्ट्रैंड किसी भी रेसिपी में पूरी तरह से घुलमिल जाती हैं, जो कि आपके व्यंजनों के लिए एक असाधारण खासियत बन जाता है। गाढ़ा गहरा रंग इस केसर ब्रांड को दूसरों से अलग करता है। सात्विक केसर का सेवन सभी आयु वर्ग के लोग कर सकते हैं क्योंकि इसमें किसी भी प्रकार का कोई भी बाहरी फ्लेवर, रंग और केमिकल शामिल नहीं होता है। यह ब्रांड 100 प्रतिशत ऑथेंटिक कश्मीरी केसर प्रदान करता है, जिसके कारण भारत में ही नहीं केवल यहाँ तक ​​कि दुनियाभर में इसके विशाल कस्टमर बेस, इसकी मांग और प्रतिष्ठा को दर्शाता है। चाहें इसका प्रयोग औषधि के रूप में करें या बिना किसी साइड इफेक्ट के घर पर अपने किसी व्यंजन के स्वाद को बढ़ाने के लिए, आप इसके प्रभावशाली गुणवत्ता का अनुभव दोनों में ही कर सकते हैं। सात्विक केसर को ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों प्लेटफार्मों के माध्यम से आसानी से खरीदा जा सकता है, अमेज़न पर इस ब्रांड के केसर 266 रुपये प्रति ग्राम में उपलब्ध है, जो शुद्ध कश्मीरी केसर के लिए काफी सस्ती कीमत है। ब्रांड की पैकेजिंग इस तरह की होती है कि आप इसे लंबे समय तक बिना किसी खराबी के इस्तेमाल कर सकते हैं और इसका कॉम्पैक्ट भाग उपभोक्ताओं के बीच मांग को बनाए रखता है।

ओएमएनए ऑर्गेनिक सैफरॉन

ओएमएनए ऑर्गेनिक केसर अपनी प्योर/ऑथेंटिक ऑर्गेनिक कंपोजिशन के लिए जाना जाता है, बिना किसी प्रीजर्वेटिव और रसायनों के खतरे के। ओएमएनए ऑर्गेनिक केसर सभी ऑनलाइन ई-कॉमर्स साइटों पर आसानी से उपलब्ध है। इस ब्रांड ने पिछले कुछ वर्षों में अपने प्रमुख फ्लेवर, अफॉर्डेबल प्राइस रेंज (किफायती मूल्य सीमा) और जैविक (ऑर्गेनिक) गुणवत्ता के कारण असाधारण लोकप्रियता हासिल की है। ओएमएनए ऑर्गेनिक केसर की एमआरपी करीब 215 रुपये प्रति ग्राम है। इन सभी गुणवत्ता के अलावा, इस सस्ती लेकिन गुणवत्ता वाले केसर को विशेष रूप से ठंडे और सूखे स्थान पर लंबे समय तक स्टोर किया जा सकता है

कश्मीर ऑनलाइन स्टोर सैफरॉन

कश्मीर ऑनलाइन स्टोर सीधे कश्मीर के खेतों से शुद्ध और प्रामाणिक (ऑथेंटिक) गुणवत्ता वाला केसर प्रदान करता है। यह ब्रांड FSSAI (एफएसएसएआई) द्वारा अनुमोदित है, जो कि इसकी प्रामाणिकता और प्रीमियम गुणवत्ता को सुनिश्चित करता है। कश्मीर ऑनलाइन स्टोर के केसर में एक स्ट्रांग, प्रौमीनेंट टेस्ट, गंध और रंग होता है जिसका उपयोग औषधीय प्रयोजनों और विभिन्न व्यंजनों (स्वादिष्ट और मीठे व्यंजनों दोनों में) के लिए किया जा सकता है। इस ब्रांड की विशिष्ट विशेषताओं में से एक इसका स्वाद हो सकता है, जो कि काफी कुछ शहद जैसा होता है, जो कि एक हल्का मीठा स्वाद छोड़ता है, जिसके काऱण यह डेसर्ट (मीठे व्यंजनों) के लिए एक सबसे महत्वपूर्ण सामग्री बन जाता है। अन्य ब्रांडों की तुलना में इसकी प्राइस रेंज अधिक है, क्योंकि मुख्य रूप से गुणवत्ता पर इस ब्रांड की प्राथमिकता होती है। इस ब्रांड के 5 ग्राम केसर को आप ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर करीब 1300 रुपये में खरीद सकते हैं। हालांकि, यह महँगा है लेकिन यह पूरी तरह से पैसा वसूल है।

 

क्या केसर के कोई साइड इफेक्ट्स हैं?

केसर के विभिन्न साइड इफेक्ट्स (दुष्प्रभाव) हो सकते हैं यदि ब्रांड में इसके स्वाद और शेल्फ लाइफ को बढ़ाने के लिए किसी तरह के केमिकल्स और संरक्षक (प्रीजर्वेटिव) मिलाए गए हों तब। ऊपर बताए गए सभी ब्रांड प्रभावशाली गुणवत्ता के हैं और इनका कोई दुष्प्रभाव नहीं होगा। हालांकि, कम से मध्यम मात्रा में केसर के सेवन करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि केवल कुछ स्ट्रैंड ही आपके भोजन में गहरा स्वाद, रंग और सुगंध के लिए काफी होता है।

केसर सबसे महँगा मसाला क्यों है?

केसर सबसे महँगा मसाला इसलिए है क्योंकि इसके उत्पादन के लिए कड़ी मेहनत वाली प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। क्रोकस फूल के प्रत्येक लाल स्टिग्मा को बड़ी ही सावधानी से हाथों से तोड़ा जाता है और फिर सही तापमान पर सुखाया जाता है, जिसके कारण यह अत्यधिक समय लेने वाली प्रक्रिया बन जाती है। इसके अलावा, हजारों फूलों से केवल एक पाउंड ही केसर निकाला जा सकता है।

क्या गर्भवती महिलाएँ केसर का सेवन कर सकती हैं?

हाँ, केसर गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित है। वैसे सर्वोत्तम गुणवत्ता वाले केसर ब्रांड जो कि किसी भी तरह के प्रीजर्वेटिव, ऐडिटिव और केमिकल्स के बिना पूरी तरह से प्राकृतिक हो, उस तरह के केसर को सभी आयु वर्गों के लोगों और यहाँ तक ​​कि गर्भवती महिलाओं के इस्तेमाल के लिए सुरक्षित माना जाता है।

क्या केसर की एक निश्चित शेल्फ लाइफ होती है?

हाँ, केसर की एक निश्चित शेल्फ लाइफ होती है। हर ब्रांड के अपने उत्पादों की अलग-अलग एक्सपायरी डेट होती है। हालांकि, प्रीमियम गुणवत्ता वाले केसर ब्रांडों को उनकी प्राकृतिक तरीकों से सुखाने की प्रक्रिया के कारण लगभग 10 वर्षों तक इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, किसी भी ब्रांड के केसर के कंटेनर को सूखी और ठंडी जगह पर स्टोर करने की सलाह दी जाती है।

क्या केसर त्वचा के लिए फायदेमंद होता है?

जी हाँ, केसर अपने एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण त्वचा के लिए बहुत अद्भुत होता है, जो कि मुंहासों की समस्याओं का इलाज कर सकता है और ब्रेकआउट्स को दूर करता है।

क्या केसर सेहत के लिए अच्छा है?

जी हाँ, केसर के स्वास्थ्य की दृष्टि से कई फायदे हैं। केसर लोगों को एक सामान्य सर्दी, बुखार, खाँसी, सिरदर्द और यहाँ तक ​​कि मेमोरी लौस से भी बचाता है। केसर मेंस्ट्रुअल क्रैम्प से राहत दिलाने के लिए भी फायदेमंद होता है और यहाँ तक ​​कि अनिद्रा (इनसॉम्निया) का भी निदान करता है।

Author

Abhinav Vasudevan

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